लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी
दूध में बताशा मुन्नी करे तमाशा
छोटी-छोटी प्यारी सुन्दर परियों जैसी है
किसी की नज़र ना लगे मेरी मुन्नी ऐसी है
शहद से भी मीठी दूध से भी गोरी
चुपके-चुपके चोरी-चोरी चोरी
लल्ला लल्ला लोरी ...
कारी रैना के माथे पे चमके चाँद सी बिंदिया
मुन्नी के छोटे-छोटे नैनों में खेले निंदिया
सपनों का पलना आशाओं की डोरी
चुपके-चुपके चोरी-चोरी चोरी
लल्ला लल्ला लोरी ...
लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी
दूध में बताशा जीवन खेल तमाशा
Thursday, January 28, 2010
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